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ख़रीदारों के लिए एक निष्पक्ष चेकलिस्ट

खाटू श्याम के पास ज़मीन ख़रीदने से पहले: एक चेकलिस्ट

खाटू श्याम के पास प्लॉट के लिए पैसे देने से पहले तीन बातें जाँचें: प्रोजेक्ट राजरेरा पोर्टल पर पंजीकृत है या नहीं, ज़मीन खेती से गैर-कृषि उपयोग में बदली (कन्वर्ट) गई है या नहीं, और ले-आउट स्वीकृत है या नहीं। विक्रेता से दस्तावेज़ लें, साइट ख़ुद देखें, भुगतान सिर्फ़ ऐसे तरीक़े से करें जिसका रिकॉर्ड रहे, और किसी स्वतंत्र वकील की सलाह लें।

स्रोत: राजरेरा पोर्टल (नए टैब में खुलता है); रेरा अधिनियम, 2016, 26 मार्च 2016 (नए टैब में खुलता है); राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम, धारा 90-क (नए टैब में खुलता है)

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पहला क़दम: राजरेरा पंजीकरण जाँचें

रियल एस्टेट (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2016 के तहत कोई भी प्रमोटर किसी योजना क्षेत्र में रियल एस्टेट प्रोजेक्ट के प्लॉट का विज्ञापन, मार्केटिंग, बुकिंग या बिक्री तब तक नहीं कर सकता, जब तक वह प्रोजेक्ट को राज्य की रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी में पंजीकृत न करा ले। राजस्थान में यह अथॉरिटी राजरेरा (RAJRERA) है।

स्रोत: रेरा अधिनियम, 2016, 26 मार्च 2016 (नए टैब में खुलता है)

रेरा प्रोजेक्ट का पंजीकरण करता है, उसे मंज़ूरी नहीं देता। पंजीकरण संख्या का मतलब है कि प्रमोटर ने प्रोजेक्ट को अथॉरिटी में दर्ज कराया है; इसका मतलब यह नहीं कि अथॉरिटी प्लॉट, उसकी क़ीमत या समय-सीमा की ज़िम्मेदारी लेती है। मंज़ूरी के दावे के बजाय पंजीकरण संख्या देखें।

  1. राजरेरा का आधिकारिक पोर्टल rera.rajasthan.gov.in खोलें।

    स्रोत: राजरेरा पोर्टल (नए टैब में खुलता है)

  2. होम पेज पर Projects चुनें, ज़िले में Sikar (सीकर) और पता हो तो तहसील भी चुनें।

    स्रोत: राजरेरा पोर्टल (नए टैब में खुलता है)

  3. प्रोजेक्ट के नाम या प्रमोटर के नाम से खोजें और प्रोजेक्ट का रिकॉर्ड खोलें।

    स्रोत: राजरेरा पोर्टल (नए टैब में खुलता है)

  4. जाँचें कि पंजीकरण संख्या, प्रमोटर, प्रोजेक्ट का नाम और जगह विक्रेता के काग़ज़ों और साइट पर लगे बोर्ड से मेल खाते हों।

    स्रोत: राजरेरा विनियम, 2024, 14 मार्च 2024 (नए टैब में खुलता है)

  5. Agents टैब में जाँचें कि जिस एजेंट से आप बात कर रहे हैं, वह राजरेरा में पंजीकृत है या नहीं।

    स्रोत: राजरेरा पोर्टल (नए टैब में खुलता है); राजरेरा विनियम, 2024, 14 मार्च 2024 (नए टैब में खुलता है)

अधिनियम छोटे प्रोजेक्ट को पंजीकरण से छूट देता है: जहाँ विकसित होने वाली ज़मीन 500 वर्ग मीटर से ज़्यादा न हो, या सभी चरणों को मिलाकर आठ से ज़्यादा अपार्टमेंट न हों। छूट का दावा करने वाले विक्रेता को यह दिखा पाना चाहिए कि छूट क्यों लागू होती है।

स्रोत: रेरा अधिनियम, 2016, 26 मार्च 2016 (नए टैब में खुलता है)

प्रमोटर के विज्ञापन में प्रोजेक्ट की पंजीकरण संख्या और अथॉरिटी की वेबसाइट का पता होना ज़रूरी है, और राजरेरा के 2024 के विनियम पंजीकरण से पहले बुकिंग के लिए प्रोजेक्ट का विज्ञापन करने पर रोक लगाते हैं।

स्रोत: रेरा अधिनियम, 2016, 26 मार्च 2016 (नए टैब में खुलता है); राजरेरा विनियम, 2024, 14 मार्च 2024 (नए टैब में खुलता है)

दूसरा क़दम: ज़मीन का मालिकाना हक़ और भू-रूपांतरण

राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम, 1956 की धारा 90-क के तहत खेती के लिए रखी गई ज़मीन पर राज्य सरकार की लिखित अनुमति के बिना मकान बनाना या उसका कोई दूसरा उपयोग करना मना है। इस अनुमति को आम बोलचाल में भू-रूपांतरण या कन्वर्ज़न कहा जाता है।

स्रोत: राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम, धारा 90-क (नए टैब में खुलता है)

  • धारा 90-क के तहत जारी रूपांतरण आदेश माँगें और जाँचें कि उसमें आपके प्लॉट के खसरा नंबर शामिल हैं।

    स्रोत: राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम, धारा 90-क (नए टैब में खुलता है)

  • मौजूदा जमाबंदी (अधिकार-अभिलेख) माँगें, जिसमें ज़मीन के खातेदार का नाम हो, और उसे तहसील से मिलाएँ।
  • प्लॉट का पट्टा या मालिकाना हक़ का दस्तावेज़ और पिछले सभी बैनामे (सेल डीड) माँगें।
  • पूछें कि ज़मीन गिरवी तो नहीं है या उस पर कोई अदालती मामला तो नहीं चल रहा, और वकील से रिकॉर्ड की जाँच कराएँ।

तीसरा क़दम: स्वीकृत ले-आउट और साइट बोर्ड

प्लॉटेड डेवलपमेंट के लिए राजरेरा के 2024 के विनियमों के अनुसार साइट पर कम से कम 5 फ़ुट × 4 फ़ुट का डिस्प्ले बोर्ड होना चाहिए। उस पर स्वीकृत साइट प्लान (सड़कें, पानी, सीवरेज, बिजली की लाइनें और पार्क), प्लॉट, खाता और खसरा नंबर, और राजस्व नक्शे पर बना ले-आउट प्लान दिखाया जाना चाहिए।

स्रोत: राजरेरा विनियम, 2024, 14 मार्च 2024 (नए टैब में खुलता है)

  • आपको जो प्लॉट दिखाया जा रहा है, उसे स्वीकृत ले-आउट प्लान और साइट बोर्ड से मिलाएँ।
  • पूछें कि ले-आउट किस प्राधिकरण ने स्वीकृत किया है, और स्वीकृति की प्रति माँगें।
  • प्लॉट को राजस्व नक्शे से मिलाएँ: उसका खसरा नंबर रूपांतरण आदेश में होना चाहिए।

किसी भी विक्रेता से कौन-से दस्तावेज़ माँगें

  • राजरेरा पंजीकरण संख्या और प्रमाण-पत्र, या प्रोजेक्ट को छूट मिलने का कारण।
  • भू-रूपांतरण आदेश और स्वीकृत ले-आउट प्लान।
  • ज़मीन की जमाबंदी और पिछले मालिकाना दस्तावेज़।
  • प्रमोटर की पहचान और बेचने के अधिकार का प्रमाण; अगर ज़मीन किसी और के नाम है, तो वह अनुबंध जिसके तहत बिक्री हो रही है।
  • बिक्री अनुबंध (एग्रीमेंट फ़ॉर सेल) का मसौदा, जिसमें प्लॉट नंबर, क्षेत्रफल, क़ीमत, भुगतान की समय-सारणी और सौदा रद्द होने पर क्या होगा, यह साफ़ लिखा हो।
  • अब तक किए गए हर भुगतान की रसीद।
  • किसी भी एजेंट की राजरेरा एजेंट पंजीकरण संख्या।

    स्रोत: राजरेरा विनियम, 2024, 14 मार्च 2024 (नए टैब में खुलता है)

साइट विज़िट की चेकलिस्ट

  • दिन के उजाले में जाएँ, प्लॉट की सीमाओं पर चलकर देखें और उन्हें ले-आउट प्लान से मिलाएँ।
  • साइट पर राजरेरा डिस्प्ले बोर्ड ढूँढें और उसकी फ़ोटो लें।
  • प्लॉट तक पहुँचने वाली सड़क, पानी की निकासी, बिजली और पानी के कनेक्शन आज जैसे हैं वैसे देखें, योजनाओं के भरोसे नहीं।
  • पड़ोसियों और स्थानीय पंचायत या नगरपालिका से ज़मीन के बारे में पूछें।
  • फ़ैसला करने से पहले देखें कि मास्टर प्लान के प्रारूप में यह इलाका किस उपयोग के लिए दिखाया गया है।

सुरक्षित भुगतान

  • बिना रसीद के कभी नकद भुगतान न करें। बेहतर है कि अनुबंध में लिखे खाते में बैंक ट्रांसफ़र या चेक से भुगतान करें।
  • सिर्फ़ उतनी राशि और उन्हीं तारीख़ों पर भुगतान करें जो अनुबंध में लिखी हैं, और हर रसीद सँभालकर रखें।
  • जो प्रोजेक्ट अपना राजरेरा पंजीकरण न दिखा सके, उसे बुकिंग राशि न दें।

    स्रोत: राजरेरा विनियम, 2024, 14 मार्च 2024 (नए टैब में खुलता है)

  • पक्का करें कि बैनामा (सेल डीड) उप-पंजीयक (सब-रजिस्ट्रार) कार्यालय में रजिस्टर हो।

खाटू श्याम पर और गाइड

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्लॉट के लिए रेरा पंजीकरण का मतलब क्या है?

इसका मतलब है कि प्रमोटर ने प्रोजेक्ट को राजरेरा में पंजीकृत कराया है, जो रियल एस्टेट (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2016 के तहत प्लॉट के विज्ञापन या बिक्री से पहले ज़रूरी है। रेरा प्रोजेक्ट का पंजीकरण करता है; वह उसकी गुणवत्ता या क़ीमत को मंज़ूरी नहीं देता।

स्रोत: रेरा अधिनियम, 2016, 26 मार्च 2016 (नए टैब में खुलता है)

कैसे जाँचें कि खाटू श्याम के पास कोई प्रोजेक्ट राजरेरा में पंजीकृत है?

rera.rajasthan.gov.in खोलें, Projects चुनें, ज़िले में सीकर चुनें और प्रोजेक्ट या प्रमोटर के नाम से खोजें।

स्रोत: राजरेरा पोर्टल (नए टैब में खुलता है)

क्या खाटू श्याम के पास खेती की ज़मीन पर मकान बना सकते हैं?

भू-रूपांतरण के बिना नहीं। राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम, 1956 की धारा 90-क के तहत खेती की ज़मीन को दूसरे काम में लेने के लिए राज्य सरकार की लिखित अनुमति ज़रूरी है।

स्रोत: राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम, धारा 90-क (नए टैब में खुलता है)

प्लॉटेड प्रोजेक्ट के साइट बोर्ड पर क्या लिखा होना चाहिए?

राजरेरा के 2024 के विनियमों के अनुसार: प्रोजेक्ट का नाम और पंजीकरण संख्या, स्वीकृत साइट प्लान, प्लॉट, खाता और खसरा नंबर, और राजस्व नक्शे पर बना ले-आउट प्लान।

स्रोत: राजरेरा विनियम, 2024, 14 मार्च 2024 (नए टैब में खुलता है)

क्या बुकिंग राशि नकद देनी चाहिए?

इससे बचें। अनुबंध में लिखे खाते में बैंक ट्रांसफ़र या चेक से किया गया भुगतान रिकॉर्ड में रहता है। अगर कुछ भी नकद दें, तो हस्ताक्षर वाली रसीद ज़रूर लें।

किसी प्लॉट के काग़ज़ समझने में मदद चाहिए?

कॉल करें, WhatsApp करें या हमारी टीम से पूछें। हम बताएँगे कि कौन-से दस्तावेज़ माँगने हैं; कानूनी जाँच के लिए अपने वकील की मदद लें।

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इस पेज पर इस्तेमाल हुए स्रोत

हर स्रोत को नीचे दी गई तारीख़ को खोलकर जाँचा गया। कोष्ठक में दी गई तारीख़ स्रोत के प्रकाशन या पिछले संशोधन की है।

  1. राजरेरा, राजस्थान रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी का पोर्टल (नए टैब में खुलता है) · जाँचा गया 27 सितंबर 2026
  2. रियल एस्टेट (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2016, भारत का राजपत्र (यूपी रेरा वेबसाइट पर प्रति) (नए टैब में खुलता है) (26 मार्च 2016) · जाँचा गया 27 सितंबर 2026
  3. राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम, 1956, धारा 90-क (Indian Kanoon पर पाठ) (नए टैब में खुलता है) · जाँचा गया 27 सितंबर 2026
  4. राजस्थान रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी विनियम, 2024, राजस्थान राजपत्र (नए टैब में खुलता है) (14 मार्च 2024) · जाँचा गया 27 सितंबर 2026

ये गाइड GuruVista ने ऊपर दिए गए स्रोतों से सामान्य जानकारी के रूप में तैयार किए हैं। यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है। किसी जानकारी पर भरोसा करने से पहले संबंधित विभाग या प्राधिकरण से ताज़ा स्थिति ज़रूर जाँच लें।